• Hindi Poetry | कविताएँ

    बिछोड़ा (Bichchoda)

    आज का ये कलाम 
    बिछड़े हुए दोस्त के नाम

    संग अगर तू आज भी मेरे होता
    तो ये दिल धड़कन से जुदा न होता

    लिखी दोस्ती जिस कलम से, सियाही कम थी
    रुके हुए हैं आँसू वहीं, आँखें तो बरसों से नम थीं

    आज भी जब कहीं यारों की महफ़िल सजती है
    यादों की पूर्वाइयाँ बड़ी ज़ोरों से चलने लगतीं हैं

    लड़कपन की उन गलियों को फिर घूम आतें हैं
    कुछ मौके साथ अपने बिछोड़े का दर्द लाते हैं
  • Hindi Poetry | कविताएँ,  Opinions & Commentary

    कल (Kal)

    चलो अच्छा है के पहल तो हुई
    ज़रा देर लगी बात आगे बढ़ाने में
    कुछ समय बीता रूठने मनाने में
    लंबी अँधेरी रात की सहर तो हुई

    आँधी सा उठा था जो वो बदलाव लेके आया है
    संग हैं उस के कई वादे और कुछ चुनौतियाँ भी
    उमंगों-जोश के साथ ज़रूरी है सयंम और होश भी
    दिन नया एक नए दौर का संदेश लेके आया है

    आसान नहीं होगा सब कुछ बदल पाना
    व्यवस्था और तंत्र के पहिये धीमे घूमते हैं
    हम-आप जैसे लोग ही इस के ताने को बुनते हैं
    गहरे घाव हों तो मुश्किल है निशान मिटा पाना

    निकल पड़ें हैं इस राह पे अब तो घबराना कैसा
    बुलंद हौंसलों में अब कोई कमी न आने पाए
    इरादे जो हैं मज़बूत उनमें नमी न आने पाए
    अब डोर है हाथे में, देखें कल का भारत बने कैसा
  • Hindi Poetry | कविताएँ,  Opinions & Commentary

    सवाल लाज़मी है (Sawaal Laazmi Hai)

    क्यों छा रही है ये बेताबी 
    क्यों फ़ैल रहा ये जज़्बा-ए-जुनून

    एक सवाल तो लाज़मी है

    क्या हुआ जो उमड़ रही है ये भीड़
    क्या है वजह इस मायूसी की

    एक सवाल तो लाज़मी है

    यूँ ही नहीं चलते हैं काफ़िले
    यूँ ही नहीं उठती गर्म हवाएँ

    एक सवाल तो लाज़मी है

    क्यों उठ रहा है हर और ये धुआँ
    किधर जा रहीं हैं ये जलती मशालें

    एक सवाल तो लाज़मी है

    क्यों ख़फ़ा है इस मुल्क का मुस्तक़बिल
    क्या माँगता है अहल-ए-वतन आख़िर

    एक सवाल तो लाज़मी है

    कैसे करें कम इस बेचैनी को
    कैसे मनाएँ हम अपने अपनों को

    एक सवाल तो लाज़मी है
  • English Poetry

    Friendship Lane

    They’ll most certainly lie for you, 
    Spin tall tales at the drop of a hat,
    Man, they make ‘em sound so true,
    You’d kill to have a frat like that.

    Take your trip with a straight face,
    Draw immense joy from your pain,
    Cause a pain in every wrong place,
    No misses when there’s points to gain.

    Friendships made whilst still young,
    Hanging together turning days to nights,
    Meaning every word of the songs they sung,
    They turned into men destined for heights.

    Lives got lived and careers got made,
    The wheel of time continued to turn,
    Decades slowly rolled into the next decade,
    Conversations changed from heartbreaks to heartburn.

    Time reset to where they’d hit pause,
    Fifty something and they met again,
    Everything back to the way it was,
    Those three nights at Friendship Lane!
  • Ghazhal,  Hindi Poetry | कविताएँ

    इश्क़ निकम्मा (Ishq Nikamma)

  • Hindi Poetry | कविताएँ

    तलाश (Talaash)

    मुझे मिल तो रहीं थी 
    जिसकी कभी न कोई आस थी
    शायद वो ख़ुशी अलग थी
    जिसकी मुझे तलाश थी

    उसकी नैमतों से कितना अनजान था
    मेरा तो बस अपनी चाहतों पे ध्यान था
    मेरी ज़िद से भी बड़ा मेरा एक अरमान था
    ज़मीन की क़द्र न की के ऊपर आसमान था

    उम्र मेरी अब जो धीरे धीरे ढलने लगी है
    हसरतों की आग अब मद्धम होने लगी है
    जो है हासिल उसकी अहमियत दिखने लगी है
    एक नयी सी लौ अब मुझ में जलने लगी है

    मंज़िल का नहीं अब सफ़र का इंतज़ार करता हूँ
    अपना तो कर चुका अपनों का ख़्याल करता हूँ
    सपनों में जो भरने है रंग उनको तैयार करता हूँ
    ज़िंदा रहने से नहीं ज़िंदगी से प्यार करता हूँ
  • Hindi Poetry | कविताएँ

    बैरी रंग (Bairi Rang)

    ये रंग मुझे अब चुभते हैं 
    मुझको ये बैरी लगते हैं

    जाने कब मन ये ऊब गया
    जो था उत्साह वो डूब गया

    नामालूम कब क्या बात हुई
    क्यों छटा से जो थी वो आस गई

    कुछ अनजानी ये घबराहट है
    मन विचलित है छटपटाहट है

    अब मिलने में वो कुशाद नहीं
    गुजिये में वो अब स्वाद नहीं

    कुछ अपनों का अब साथ ना रहा
    इस पर्व का कोई उमंग नाथ ना रहा

    मुझको ये बैरी लगते हैं
    ये रंग मुझे अब चुभते हैं

  • English Poetry

    Friendship Lane

    They’ll most certainly lie for you, 
    Spin tall tales at the drop of a hat,
    Man, they make ‘em sound so true,
    You’d kill to have a frat like that.

    Take your trip with a straight face,
    Draw immense joy from your pain,
    Cause a pain in every wrong place,
    No misses when there’s points to gain.

    Friendships made whilst still young,
    Hanging together turning days to nights,
    Meaning every word of the songs they sung,
    They turned into men destined for heights.

    Lives got lived and careers got made,
    The wheel of time continued to turn,
    Decades slowly rolled into the next decade,
    Conversations changed from heartbreaks to heartburn.

    Time reset to where they’d hit pause,
    Fifty something and they met again,
    Everything back to the way it was,
    Those three nights at Friendship Lane!
  • Hindi Poetry | कविताएँ

    राह (Raah)

    ये राह नई है 
    जिसपे की मैं चल पड़ा हूँ
    इस डगर पे
    कोई भी पगडंडी नहीं है

    बस एक मंज़िल है
    जिसे सपनों में देखता हूँ
    इस रास्ते पे
    कोई निशान नहीं है

    रूह की आवाज़ है
    जिसे मैं सुन पाता हूँ
    चल पड़ा हूँ उस धुन पे
    जिसकी ताल का पता नहीं है

    ख़ुद पे मगर यक़ीन है
    इतना मैं जानता हूँ
    भरोसा है जिन पे
    वो कदम किसी और के नहीं हैं

    इतना तो लाज़मी है
    जिस को आज मैं तराशता हूँ
    कल और भी चलेंगे उस सड़क पे
    बस आज उन्हें इस बात का इल्म नहीं है
  • Hindi Poetry | कविताएँ

    कविता (Kavita)

    कविता के बिना मैं अधूरा हूँ 
    जब चोट मुझे कोई लगती है

    लहू को सियाही बना के बहाता हूँ
    शब्द जो सिर्फ़ मेरी कलम कह सकती है

    मैं अपने ही वास्तव से उन्हें चुरा के लाता हूँ
    मेरे लिखे सारे पन्ने मेरी अपनी ही तो हस्ती है

    जब भी मैं ख़ुश या उदास होता हूँ
    और बेचैनी महसूस होने लगती है

    संग सदा अपने इन शब्दों को मैं पाता हूँ
    मेरी सोच, मेरे विचारों की अभिव्यक्ति है

    कविता के बिना मैं अधूरा हूँ
    मेरे शब्द ही मेरी पहचान मेरी शक्ति है